कंज्यूमर कोर्ट केस कैसे लगाएँ? हेल्पलाइन नंबर | एप्लीकेशन फॉर्मेट

कंज्यूमर कोर्ट केस कैसे लगाएँ | कंज्यूमर कोर्ट हेल्पलाइन नंबर | कंज्यूमर कोर्ट एप्लीकेशन फॉर्मेट | how to file a case in consumer court | कांसुमेर कोर्ट इंडिया । कांसुमेर कोर्ट टोल फ्री नंबर।

भारत में रहने वाले लोगों, हर समय पर कुछ न कुछ खरीदारी करते रहते हैं। भारत में लगभग सवा सौ करोड़ की आबादी है. जिनमें से कुछ प्रतिशत लोग हर महीने या सत्ता में कुछ ना कुछ नई चीजें घरों अथवा दुकानों के लिए खरीदते रहते हैं। उनकी खरीदारी को सुरक्षित रखने के लिए भारत सरकार ने कंज्यूमर कोर्ट का गठन किया है। अगर आप कोई चीज ऑनलाइन या अपने निकटतम बाजार से खरीदते हैं। उसके बाद आप उस चीज को अपने घर लेकर आते हैं तथा कुछ समय उसका इस्तेमाल करने के बाद अगर वह चीज खराब हो जाती है, तब आप दुकानदार के पास इसकी शिकायत करते हैं. अगर दुकानदार आपकी उस चीज को ठीक कर देता है, या उसे बदल देता है तब आपकी समस्या वहीं पर ने फट जाती है।

कंज्यूमर कोर्ट केस कैसे लगाएँ?

लेकिन कई बार दुकानदार उस सामान को ना ही बदलता है, और ना ही उसे ठीक करवा कर देता है। ऐसे मामलों में ग्राहक ठगा हुआ महसूस करते हैं. ऐसे ही मामलों के निपटारे के लिए कंजूमर कोर्ट जिसे की उपभोक्ता अदालत भी कहा जाता है, ग्राहक वह जाकर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकता है। ऐसे मामलों के निपटारे के लिए ही कंज्यूमर कोर्ट का गठन किया गया है. ग्राहक सुरक्षा के लिए कुछ कानूनों का गठन किया गया है जैसे कि भारतीय अनुबंध अधिनियम 1822, किसी वस्तु के विक्रय अधिनियम 1936 तथा 2006 में बना खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम। इसके साथ ही वजन और माप अधिनियम सन 1976 के साथ-साथ खतरनाक ड्रग एक्ट 1952 कृषि उत्पाद अधिनियम।

अगर ग्राहक कानूनी तौर पर अपना केस लगाता है तो, उन्हें यह काफी महंगा पड़ता है. इसी को देखते हुए भारत सरकार द्वारा कोर्ट का गठन किया गया है, जिससे कि ग्राहकों के हितों की रक्षा की जाती है। इसी के साथ हम आपको यह भी बताएंगे कि कैसे आप कंजूमर कोर्ट में जाकर अपना केस दर्ज करवा सकते हैं, तथा अपना हक प्राप्त कर सकते हैं. इसके साथ ही इस पोस्ट में हम आपको कंज्यूमर कोर्ट हेल्पलाइन नंबर, कंज्यूमर कोर्ट शिकायत नंबर एवं कोर्ट भोक्ता फोरम शिकायत टोल फ्री नंबर इत्यादि की जानकारी भी मुहैया करवाएंगे।

कंज्यूमर कोर्ट केस दर्ज करने की प्रक्रिया

कंजूमर कोर्ट में अब तक केस देने के लिए आपको सबसे पहले, कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना होगा। अमरकोट में जाने से पहले कुछ निम्नलिखित बातें हैं जिन को सूचीबद्ध कर ले।

  1. पता करें कि आप के न्याय क्षेत्र, कौन सा है जिस में शिकायत दर्ज की जाएगी। स्कोर निम्नलिखित तो तरीकों से पता करें।
  2. जिस दुकान से अपने सामान लिया है किस क्षेत्र में है।
  3. जो वस्तु खरीदी है उसका मूल्य कितना है।

कंज्यूमर कोर्ट केस कैसे लगाएँ

उपभोक्ता मूल्य के आधार पर ही, निम्नलिखित आवेदन क्षेत्रों में, शिकायत दर्ज कर सकता है जो कि नीचे दिए गए हैं।

अगर वस्तु का मूल्य 20 रूपए लाख तक है तो केस जिला मंच मैं होगा
और अगर वस्तु का मूल्य 20 लाख से एक करोड़ तक का है तो केस राज्य आयोग में होगा
अगर केस एक करोड़ से अधिक राशि का है तो केस राष्ट्रीय उद्योग में होगा।

जैसे ही आप अपनी, केस की रूपरेखा को तैयार कर लेंगे निर्धारित भुगतान देने के बाद अपनी शिकायत अपनी वस्तु के मूल्य अनुसार आयोग में जाकर करें।

अगला चरण आपके केस के लिए, एक ड्राफ्ट तैयार करना होता है. जिसमें कि आपको यह बताना होगा कि आप उक्त व्यक्ति पर यह केस क्यों कर रहे हैं।

इसके साथ ही यह भी बताएं कि यह शिकायत इस मंच या फोरम के एरिया में कैसे आता है।

अपने शिकायत पत्र में अपना हस्ताक्षर के जरूर करें। शिकायत पत्र में निम्नलिखित चीजों का विवरण अवश्य दें।

  • शिकायतकर्ता का नाम।
  • स्थाई पता।
  • शिकायत का विषय।
  • विपरीत पार्टी का नाम।
  • जो भी वस्तु या उत्पाद है उसका विवरण।
  • जो भी आप का नुकसान हुआ है उसके राशि का दावा।

इसके साथ ही आपको, अपने उत्पाद से जुड़े कागजी दस्तावेज, भी साथ में संलग्न करने होंगे जो कि निम्नलिखित बताए गए हैं।

  • सामान्य उत्पाद का बिल।
  • वारंटी या गारंटी का कार्ड।
  • व्यापारी को दी गई शिकायत की लिखित कॉपी।
  • उत्पाद को ठीक करने के लिए पारी को भेजा गया नोटिस।

इस तरह आप अपने केस के लिए. दस्तावेजों को तैयार कर सकते हैं. इसके साथ ही आप निम्नलिखित चीजों के लिए भी दावा कर सकते हैं जो की बताई गई हैं।

  • सामान लगाई गई धनराशि की वापसी।
  • केस के लिए खर्च किया गई लागत।
  • उत्पाद पर खर्च किए गए मरम्मत के पैसे।

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नोट 1 – कोई भी शिकायत करने के लिए आपको, उत्पाद की खरीद के 2 साल के भीतर यह प्रक्रिया करनी होती है. 2 साल के बाद आप का दावा कमजोर हो जाता है. अगर किसी कारणवश आप 2 साल के बाद  शिकायत करते हैं, तो आपको दिल्ली से किए गए शिकायत का कारण देना होगा।

नोट 2 – कंज्यूमर कोर्ट में केस के लिए शिकायत के साथ आपको एक हलफनामा दर्ज करवाना होगा। उस हलफनामे में यह बताया जाएगा कि आपके द्वारा दिए गए शिकायतें बिल्कुल सही हैं।

नोट 3 – कंज्यूमर कोर्ट में केस दाखिल करने के लिए, किसी भी वकील की जरूरत नहीं होती। कंजूमर अपने आप ही अपना केस लड़ सकते हैं।

नोट 4 – जब भी आप शिकायत को भेजे तो उसे किसी पंजीकृत डाक द्वारा भेजना आवश्यक है।

नोट 5 – शिकायत करते समय आपको शिकायत की 5 कॉपियां जमा करना आवश्यक है। इसके अलावा अगर आप विपरीत पक्ष के लिए भी कॉपी भेजनी है तो अतिरिक्त कॉपियां जमा करवा सकते हैं।

कंज्यूमर कोर्ट हेल्पलाइन नंबर

कंज्यूमर कोर्ट हेल्पलाइन नंबर – 1800-11-4000

शिकायत नंबर कंज्यूमर कोर्ट – 14404

कंज्यूमर कोर्ट टोल फ्री नंबर – +91-8130009809

कंजूमर कोर्ट शिकायत ईमेल आईडी – web@nationalconsumerhelpline.in

दोस्तों, इस पोस्ट को लिखने का उद्देश्य ग्राहकों को उनके हक के बारे में अवगत करवाना है। जो भी हमारे ग्राहक आए किसी भी ठगी का शिकार होते हैं, उन्हें अपना मन दुखी करने की कोई जरूरत नहीं है। सरकार ने हम जैसे आम लोगों के लिए ही कंजूमर कोर्ट बनाया है, जिससे कि हम अपने हक की लड़ाई लड़ सके। इसलिए हमारा आपसे यही अनुरोध है, कि अगर आपके साथ किसी भी प्रकार का कोई ठगी, या किसी उत्पाद में खराबी होने पर आपके साथ सही व्यवहार नहीं किया जाता, तो आप कंज्यूमर कोर्ट में जाकर इसकी शिकायत कर सकते हैं। कंजूमर कोर्ट में जाना, एवं शिकायत करना काफी आसान है। इसके बारे में आप ऑनलाइन भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। अन्य किसी भी समस्या, एवं परेशानी के लिए नीचे कमेंट बॉक्स में आप लिख सकते।

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